Home अर्थव्यवस्था बैंकों में जमाकर्ताओं की बीमा सुरक्षा बढ़ायी जाएगी : वित्त मंत्री सीतारमण

बैंकों में जमाकर्ताओं की बीमा सुरक्षा बढ़ायी जाएगी : वित्त मंत्री सीतारमण

by Business Remedies
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नई दिल्ली। सहकारी क्षेत्र के पीएमसी बैंक घोटाले से उठे विवादों के बीच केंद्र सरकार बैंक खातों में रखे धन पर बीमा गारंटी की सीमा बढ़ाने की तैयारी में है। इसके लिये संसद के शीतकालीन सत्र में संशोधन विधेयक रखा जा सकता है।

सीतारमण ने कहा कि बैंक जमा एवं ऋण गारंटी निगम अधिनियम योजना के तहत मौजूदा संरक्षण को वर्तमान में एक लाख रुपए की सीमा से ऊपर किया जाएगा।

वित्त मंत्री ने यह नहीं बताया कि बैंक जामा पर बीमा सुरक्षा की नयी सीमा कितनी होगी। एक लाख रुपए की सीमा 1993 में तय की गयी थी जिसे महंगाई और आयकर छूट की सीमा में बढ़ेतरी आदि को देखते हुए बढ़ाए जाने की जरूरत महसूस की जा रही है। उन्होंने कहा कि बहुराज्यीय सहकारी बैंकों को नियमन के दायरे में लाने के मामले में मंथन जारी है। सहकारी बैंकों को भी नियमन के लिहाज से बैंकिंग नियमन कानून के दायरे में लाया जा सकता है। इस संबंध में तमाम संबंधित कानूनों पर गौर किया जा रहा है और उम्मीद है कि केन्द्रीय मंत्रिमंडल इस बारे में विधेयक को जल्द मंजूरी देगा और इसे संसद के आगामी सत्र में ही पेश किया जा सकेगा। जमा बीमा और ऋण गारंटी निगम कानून 1961 में अस्तित्व में आया। इसके तहत गठित निगम रिजर्व बैंक की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी है। इसकी स्थापना जुलाई 1978 में हुई थी। किसी बैंक के धराशायी होने की स्थिति में यह निगम बैंकों के जमा धारकों को उनकी जमा राशि पर एक लाख रुपए तक की गारंटी देता है। 1993 में संशोधन के बाद जमा गारंटी राशि को बढ़ाकर एक लाख रुपए किया गया था।

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