Thursday, August 11, 2022
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बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर  16 महीने के निम्न स्तर पर पहुंची

by Business Remedies
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नई दिल्ली। कच्चा तेल और उर्वरकों के उत्पादन में गिरावट के साथ आठ बुनियादी उद्योगों की नवंबर की वृद्धि दर 3.5 प्रतिशत रही। जो कि अक्टूबर में 4.8 प्रतिशत थी। यह बुनियादी उद्योगों की 16 महीने की न्यूनतम दर है। इससे पहले प्रमुख उद्योगों की इससे कम वृद्धि जुलाई 2017 में थी जबकि वृद्धि दर 2.9 प्रतिशत थी। वैसे चालू-वित्त वर्ष में अप्रैल-नवंबर के आठ माह की अवधि में बुनियादी उद्योगों की वृद्धि पिछले साल इसी अवधि के 3.9 प्रतिशत की तुलना में 5.1 प्रतिशत रही। पिछले साल नवंबर में कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, परिशोधन उत्पाद, उर्वरक, इस्पात तथा बिजली- इन आठ उद्योगों का उत्पादन 6.9 प्रतिशत की दर से बढ़ा था।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार कच्चा तेल और उर्वरकों के उत्पादन में आलोच्य महीने के दौरान सालाना आधार पर क्रमश: 3.5 प्रतिशत और 8.1 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली। इनके अलावा प्राकृतिक गैस, परिशोधन उत्पाद, इस्पात और सीमेंट उद्योग की वृद्धि दर इस दौरान कम होकर क्रमश: 0.5 प्रतिशत, 2.3 प्रतिशत, छह प्रतिशत और 8.8 प्रतिशत पर आ गई।

मुख्य क्षेत्रों में वृद्धि दर सुस्त पडऩे का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) पर भी बुरा असर पड़ेगा क्योंकि कुल कारखाना उत्पादन में इन बुनियादी उद्योगों की हिस्सेदारी करीब 41 प्रतिशत है। हालांकि आलोच्य महीने के दौरान कोयला और बिजली उत्पादन की वृद्धि दर बढक़र क्रमश: 3.7 प्रतिशत और 5.4 प्रतिशत पर पहुंच गई। पिछले साल नवंबर महीने में ये दरें क्रमश: 0.7 प्रतिशत और 3.9 प्रतिशत थीं।

नवंबर 2018 में कोयले का उत्पादन 3.7 प्रतिशत की बढ़त में रहा है। अप्रैल से नवंबर 2018 की अवधि में कोयले के उत्पादन में नौ प्रतिशत की वृद्धि हुई है। आलोच्य माह में कच्चे तेल का उत्पादन 3.5 प्रतिशत की गिरावट में रहा है। चालू वित्त वर्ष में अभी तक इसके उत्पादन में 3.6 प्रतिशत की कमी आई है। मौजूदा वर्ष के नवंबर में प्राकृतिक गैस का उत्पादन 0.5 प्रतिशत की मामूली बढ़त में रहा है जबकि अप्रैल से नवंबर 2018 की अवधि में यह 0.7 प्रतिशत गिर गया। नवंबर 2018 में रिफाइनरी का उत्पादन 2.3 प्रतिशत की वृद्धि में दर्ज किया गया। चालू वित्त वर्ष में अभी तक की अवधि में यह 5.3 प्रतिशत की बढ़त में दर्ज किया गया।

नवंबर 2018 में उर्वरक के उत्पादन में 8.1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है और अप्रैल से नवंबर 2018 की अवधि में इसका उत्पादन 1.3 प्रतिशत घटा है।

इसी माह में इस्पात का उत्पादन छह प्रतिशत बढ़ा है। अप्रैल से नवंबर 2018 की अवधि में यह आंकडा 3.7 प्रतिशत रहा है। आलोच्य माह में सीमेंट का उत्पादन 8.8 प्रतिशत की बढ़त में रहा है। चालू वित्त वर्ष में नवंबर तक इसका उत्पादन 14.2 प्रतिशत वृद्धि में रहा है। बिजली का उत्पादन नवंबर 2018 में 5.4 प्रतिशत की बढ़त में रहा है। अप्रैल से नवंबर 2018 की अवधि में सीमेंट के उत्पादन में 6.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

 

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