मुंबई,
देश के शेयर बाजार में लगातार बनी मजबूती के बीच BSE में सूचीबद्ध सभी कंपनियों का कुल Market Capitalisation रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। सोमवार को कारोबार समाप्त होने पर BSE में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल Market Capitalisation बढ़कर ₹.482.31 लाख करोड़ हो गया। यह अप्रैल की शुरुआत से अब तक लगभग 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दर्शाता है। इससे पहले यह रिकॉर्ड 2 जनवरी को बना था।
बाजार में यह तेजी कई सकारात्मक कारणों से देखने को मिली। व्यापक बाजार में मजबूत खरीदारी, भू-राजनीतिक तनाव में कमी, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी तथा विदेशी संस्थागत निवेशकों की दोबारा बढ़ती खरीदारी ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है। इन सभी कारकों का सकारात्मक प्रभाव बाजार के प्रदर्शन पर साफ दिखाई दे रहा है। इस दौरान BSE 250 Microcap Index सबसे मजबूत प्रदर्शन करने वाला सूचकांक बनकर उभरा। 2 जुलाई को यह अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। अप्रैल की शुरुआत से इसमें 32 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे यह संकेत मिलता है कि बाजार में तेजी केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि छोटी और मध्यम कंपनियों के शेयरों में भी व्यापक खरीदारी देखने को मिली।
विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा विदेशी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए उठाए गए कदमों से भी निवेशकों का विश्वास बढ़ा है। सरकारी प्रतिभूतियों में विदेशी निवेश पर पूंजीगत लाभ कर से राहत तथा वैश्विक भारतीय समुदाय को सीधे निवेश की सुविधा जैसे निर्णयों ने विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार शेयर बाजार में मजबूती का रुझान अब पहले की तुलना में अधिक स्पष्ट दिखाई दे रहा है। पहले जिन दो बड़े दबावों का असर बाजार पर था, उनमें कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की लगातार बिकवाली शामिल थी। अब कच्चे तेल की कीमतें संघर्ष से पहले के स्तर तक लौट आई हैं और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक फिर से शुद्ध खरीदार बन गए हैं। इससे बाजार की धारणा में बड़ा सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है, जो मजबूत आर्थिक आधार के कारण आगे भी जारी रह सकता है।
जून महीने में वाहनों की मजबूत खुदरा बिक्री ने भी देश की आर्थिक गतिविधियों में तेजी का संकेत दिया है। वहीं कच्चे तेल की कम कीमतों से महंगाई नियंत्रित रहने की उम्मीद है। इससे भारतीय रिजर्व बैंक के लिए ब्याज दरों को अपेक्षाकृत निचले स्तर पर बनाए रखना आसान हो सकता है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उद्योगों और शेयर बाजार दोनों पर पड़ने की संभावना है। हालांकि Market Capitalisation रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, लेकिन Sensex और Nifty अभी भी अपने सर्वोच्च स्तर से नीचे कारोबार कर रहे हैं। अप्रैल की शुरुआत से अब तक Sensex और Nifty में लगभग 8प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके बावजूद Sensex अभी भी अपने रिकॉर्ड स्तर से 8.8 प्रतिशत नीचे है, जबकि Nifty अपने सर्वोच्च स्तर से 7.2 प्रतिशत नीचे बना हुआ है।

