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पीजीआईएम इंडिया म्यूचुअल फंड ने 50 गिग्स का कंपेंडियम लॉन्च किया

by Business Remedies
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बिजऩेस रेमेडीज/मुंबई
पीजीआईएम इंडिया म्यूचुअल फंड ने आज ‘रिन्यू रिचार्ज बट नेवर रिटायर’ टॉपिक से अपना संग्रह (कलेक्शन) जारी करने की घोषणा की। यह 50 तरह के शौक/टेम्परेरी जॉब का एक संकलन है, जिन्हें मोनेटाइज (मुद्रीकरण) किया जा सकता है। जिससे किसी व्यक्ति को रिटायरमेंट के बाद के जीवन में फाइनेंशियल फ्रीडम यानी वित्तीय रूप से स्वतंत्रता हासिल करने में मदद मिल सकती है।
द लांसेट में प्रकाशित एक नई स्टडी से पता चलता है कि दुनिया भर में लोगों का जीवन काल 1990 की तुलना में 2021 में औसतन 6 साल से अधिक बढ़ गया है। अध्ययन के अनुसार, पिछले तीन दशकों में भारत में जीवन प्रत्याशा करीब 8 साल बढ़ गई है।
लंबे जीवन काल के लिए रिटायरमेंट के बाद के आरामदायक और सुरक्षित फेज को सुनिश्चित करने के लिए अधिक सावधानी के साथ योजना बनाने की आवश्यकता होती है। यह उन युवा पीढ़ी के लिए एक महत्वपूर्ण पहलू बन जाता है, जो जल्द रिटायरमेंट होने की इच्छा रखते हैं। प्रभावशाली फाइनेंशियल प्लानिंग में न सिर्फ बचत शामिल है, बल्कि महंगाई को मात देने और अपने निवेश की वैल्यू को संरक्षित करने के लिए समझदारी से निवेश करना भी शामिल है। इस तरह, इस मामले में एक कुशल फाइनेंशियल एडवाइजर (वित्तीय सलाहकार) की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। एक एडवाइजर किसी इनडिविजुअल को एक बेहतर रिटायरमेंट प्लान तैयार करने में मार्गदर्शन कर सकता है।
पीजीआईएम इंडिया म्यूचुअल फंड के सीईओ अजीत मेनन का कहना है कि कि रिसर्च से पता चलता है कि रिटायरमेंट से मानसिक मजबूती में कमी आ सकती है जो आपके ज्ञान संबंधी स्वास्थ्य के साथ ही शारीरिक स्वास्थ्य पर भी असर डाल सकती है। इस तरह, नए कौशल सीखना जो आपको सक्रिय बनाए रखता है, न सिर्फ आपको आत्मविश्वास देता है, बल्कि उपलब्धि और किसी बेहतर उद्देश्य की भावना भी प्रदान करता है। रिटायरमेंट के बाद की लाइफ के दौरान इनकम का सोर्स उत्पन्न करने का सबसे सरल तरीका उस क्षेत्र में अपने कौशल, अनुभव और संपर्कों का उपयोग करना है, जहां आपने अपने कामकाजी करियर का अधिकांश समय बिताया है। वैकल्पिक रूप से, आप एक जुनून/कौशल विकसित करने पर काम कर सकते हैं, जिसे आप पहले से ही एक शौक के रूप में अपना रहे हैं और उससे पैसा कमा सकते हैं। पहले जारी किए गए पीजीआईएम इंडिया म्यूचुअल फंड के रिटायरमेंट रेडीनेस सर्वे 2023 से पता चलता है कि भारतीय अपने शौक या जुनून का मोनेटाइजिंग करके और रिटायरमेंट के बाद अपनी जरूरतों या इच्छाओं को पूरा करने के लिए नए कौशल हासिल करके अपनी आय बढ़ाने के अलग अलग तरीकों की तलाश कर रहे हैं। सर्वे में शामिल करीब 36 फीसदी ने आय का एक सेकेंडरी सोर्स होने की बात कही और 39 फीसदी ने बताया कि वे भविष्य में आय का एक सेकेंडरी सोर्स रखने पर विचार कर रहे हैं।

 

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