Wednesday, September 28, 2022
Home अर्थव्यवस्था डॉ महेन्द्रनाथ पाण्डेय ने केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों से आग्रह किया कि सरकार के एप्रेन्टिसशिप प्रोग्राम में अपनी भागीदारी बढ़ाएं

डॉ महेन्द्रनाथ पाण्डेय ने केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों से आग्रह किया कि सरकार के एप्रेन्टिसशिप प्रोग्राम में अपनी भागीदारी बढ़ाएं

by Business Remedies
0 comment

नई दिल्ली। कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्री डॉ महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने एक नेशनल सेमिनार के दौरान केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों से आग्रह किया कि सरकार के एपेन्टिसशिप प्रोग्राम में अपनी भागीदारी बढ़ाएं, सेमिनार का आयोजन एप्रेन्टिसशिप प्रोग्राम में भागीदारी और जागरुकता बढ़ाने के लिए एमएसडीई द्वारा स्टैण्डिंग कॉन्फ्रेन्स ऑफ पब्लिक एंटरप्राइज़ेज़ एवं डिपार्टमेन्ट ऑफ पब्लिक एंटरप्राइज़ेज़ द्वारा किया गया था। इस अवसर पर वरिष्ठ सरकारी अधिकारी श्री आर के सिंह, माननीय राज्य मंत्री, एमएसडीई और डॉ के पी कृष्णन, सचिव, एमएसडीई भी मौजूद थे।

मंत्रालय ने देश में उद्यमों द्वारा भर्ती किए जाने वाले एप्रेन्टिसेज़ की संख्या बढ़ाने के लिए कई प्रयास किए हैं। कुशल कार्यबल की दृष्टि से मांग और आपूर्ति के बीच के अंतर को दूर करना और युवाओं को ऑन-द-जॉब टे्रनिंग एवं नौकरियों के बेहतर अवसर प्रदान कर उनकी महत्वाकांक्षाओं को पूरा करना इसका मुख्य उद्देश्य है। सार्वजनिक क्षेत्र के ज़्यादातर उपक्रम टेकनिकल और मैनुफैक्चरिंग जॉब रोल्स के लिए एप्रेन्टिसेज़ की भर्ती कर रहे हैं। हालांकि सर्विस सेक्टर में एप्रेन्टिसेज़ की संख्या कम है। कई बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों से वरिष्ठ अधिकारियों ने कार्यक्रम में हिस्स लिया और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षित किए गए युवाओं को भर्ती करने के लिए आग्रह किया, जो एनएसडीसी द्वारा एमएसडीई के तत्वावधान में संचालित विशेष योजना है। ऑल इण्डिया काउन्सिल ऑफ टेकनिकल एजुकेशन एण्ड इंडस्ट्रियल ट्रनिंग इंन्स्टीट्यूट के तहत प्रशिक्षण महानिदेशालय द्वारा संचालित कायक्रमों में प्रशिक्षित छात्रों की भर्ती एप्रेन्टिसेज़ के रूप में की गई।

एप्रेन्टिसशि योजना के फायदों के बारे में जानकारी देते हुए डॉ महेन्द्रनाथ पाण्डेय, माननीय कौशल विकासएवं उद्यमशीलता मंत्री ने कहा, ”केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम आर्थिक विकास के अवसरों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, वे कुशल पेशेवरों के लिए रोजग़ार के अवसर उत्पन्न करते हैं। मैं उनसे आग्रह करता हूं, कि आगे आएं और इन एप्रेन्टिसेज़ को उद्योग जगत के अनुरूप तैयार कर उनकी क्षमता का उपयोग करें।

इससे उद्यम एवं एप्रेन्टिस दोनों की सफलता को सुनिश्चित किया जा सकेगा और नव भारत की महत्वाकांक्षा को भी साकार किया जा सकेगा। इस कार्यक्रम के माध्यम से हम सभी उद्यमों से आग्रह करते हैं कि युवा एप्रेन्टिसेज़ को महत्व दें, उन्हें अपने कर्मचारियों के समकक्ष बनाएं, विकास एवं प्रगति के लिए उनके योगदान के महत्व को समझें।

श्री आर के सिंह, माननीय रा’य मंत्री कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय ने कहा, ”हमारे पास इस बात के प्रमाण हैं कि एप्रेन्टिसेज़ मैनुफैक्चरिंग एवं सर्विस सेक्टर पर सकारात्मक प्रभाव उत्पन्न करते हैं।

You may also like

Leave a Comment