Tuesday, September 27, 2022
Home कमोडिटी गणेश सुपर टीएमटी ने मुजफ्फरपुर में अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 25 हजार मीट्रिक टन करने की योजना बनाई

गणेश सुपर टीएमटी ने मुजफ्फरपुर में अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 25 हजार मीट्रिक टन करने की योजना बनाई

by Business Remedies
0 comment

बिजऩेस रेमेडीज/मुजफ्फरपुर
बिहार रोजगार और कमाई के लिहाज से हमेशा ही कृषि पर निर्भर रहा है। यहां की 80 फीसदी आबादी कृषि उत्पादन में जुटी हैं, जोकि राष्ट्रीय औसत के हिसाब से काफी अधिक है। यह सब्जियों का चौथा सबसे बड़ा उत्पादक राज्य और फलों का आठवां सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है। 2022-23 में मौजूदा कीमतों के हिसाब से राज्य की जीएसडीपी 7.45 ट्रिलियन रुपये (करीब 97.39 बिलियन) होने की संभावना है। हालांकि, यहां पर अभी भी बड़े पैमाने पर औद्योगिक पहल की काफी संभावनाएं हैं।
बिहार सरकार राज्य में औद्योगिकीकरण की रफ्तार बढ़ाने के लिए कई पहल कर रही है। बैंकों के साथ साझेदारी में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों के लिए इन्वेस्टर समिट आयोजित की रही है। राज्य में सडक़ों, पुलों और बिहार के पहले इंटरमोडल समुद्री कार्गो टर्मिनल के विकास के लिए आधारभूत ढांचा विकसित किया जा रहा है। सरकार बिहार की औद्योगिक उन्नति को अगले स्तर तक ले जाने के लिए उचित कदम उठा रही है। इन सभी घटनाक्रमों को देखते हुए, राज्य की एकमात्र लिस्टेड टीएमटी एंटरप्राइवेज गणेश सुपर टीएमटी ने अपनी उत्पादन क्षमता को 25 हजार मीट्रिक टन तक बढ़ाने की योजना बनाई है। नया संयंत्र मुजफ्फरपुर जिले में स्थित होगा।
कंपनी की विस्तार योजना के बारे में बताते हुए गणेश फाउंड्री एंड कास्टिंग लिमिटेड के अशोक कुमार बजोरिया ने कहा, कि गणेश टीएमटी बिहार के विकास में 35 साल से योगदान दे रहा है। राज्य की अग्रणी टीएमटी कंपनी होने के नाते हम राज्य में उद्योगों के विकास के लिए सरकार को समर्थन देना चाहते हैं। कंपनी की उत्पादन क्षमता बढऩे से हमारे उपभोक्ताओं की उभरती हुई नई मांगों को पूरा करने में मदद मिलेगी। इससे रोजगार का भी सृजन होगा। बिहार के विकास में समान रूप से हितधारक की भूमिका निभाते हुए गणेश टीएमटी की मंशा राज्य के आर्थिक और सामाजिक कल्याण में प्रभावशाली ढंग से योगदान देने की है।
विश्व भर में स्टील की बढ़ती मांग के कारण 2028 तक टीएमटी स्टील बार के मार्केट को बढ़ावा मिलने की संभावना है। 2028 तक इस मार्केट के 23.58 बिलियन तक पहुंचने की संभावना है। यह 9.5 फीसदी के सीएजीआर से बढ़ रही है। भारत में स्टील की मांग 2024-25 तक 170 एमटीपीए तक पहुंच सकती है। 2030 तक यह मांग 300 एमटीपीए तक बढ़ सकती है। मौजूदा समय में भारत स्टील का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है। केंद्रीय स्टील मंत्रालय ने यह भविष्यवाणी की है कि भारत का स्टील उत्पादन अगले दशक में दोगुना हो जाएगा। यह 120 मिलियन टन से 240 मिलियन टन हो जाने की संभावना है।
सरकार ने स्टील इंडस्ट्री में इस्तेमाल होने वाले कुछ कच्चे सामान के आयात पर कस्टम ड्यूटी में कटौती की है। इस कदम से घरेलू उद्योग में निर्माण की लागत कम होगी और कीमतों में कटौती होगी। घरेलू स्तर पर उपलब्धता को बढ़ाने के लिए आयरन ओर (लौह अयस्क) के निर्यात पर शुल्क 50 फीसदी बढ़ा दिया गया है। इसी के साथ स्टील इंडस्ट्री में प्रयोग होने वाले कुछ दूसरे सामान के निर्यात पर भी ड्यूटी बढ़ाई गई है। इससे घरेलू इंडस्ट्री को काफी बढ़ावा मिला है और स्टील और टीएमटी कंपनियों को संचालन बढ़ाने में प्रोत्साहन मिला है। गणेश सुपर टीएमटी के सरिये (बार्स) अपनी मजबूती के लिए जाने जाते हैं। अपने लचीलेपन की बढ़ी हुई क्षमता और सुधारी गई विशेषताओं के साथ टीएमटी सरिये सुरक्षित और मजबूत पकड़ प्रदान करते है, जो गंभीर आपदा को सहन कर सकते हैं और लोगों को सुरक्षा मुहैया करा सकते हैं। गणेश सुपर लचीलेपन और मजबूती का आदर्श मिश्रण है, जो अपने प्रतिद्वद्वियों से क्वॉलिटी के मामले में बहुत आगे है। मैन्युफैक्चरिंग या डिलिवरी प्रक्रिया में हर छोटी सी छोटी बात पर भी बारीक निगरानी रखकर उत्पाद और सेवाओं की गुणवत्ता में काफी सुधार आता है।

You may also like

Leave a Comment