Friday, August 12, 2022
Home अर्थव्यवस्था निजी क्षेत्र के सहयोग से आर्थिक वृद्धि की रफ्तार बढ़ाना चाहती है सरकार: नीति आयोग

निजी क्षेत्र के सहयोग से आर्थिक वृद्धि की रफ्तार बढ़ाना चाहती है सरकार: नीति आयोग

by Business Remedies
0 comment

न्यूयॉर्क। केंद्र सरकार अपने दूसरे कार्यकाल में निजी क्षेत्र और निजी उपक्रमों की अगुवाई में आर्थिक वृद्धि की रफ्तार बढ़ाने पर जोर दे रही है। नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने यह बात कही। भारतीय महावाणिज्य दूतावास में भारत निवेश संगोष्ठी को संबोधित करते हुए राजीव कुमार ने कहा कि भारत अगले पांच साल के दौरान एक बड़े बदलाव के मुहाने पर खड़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार इस बात को जानती है कि 2011 से निजी निवेश काफी सुस्त हुआ है और सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल ठीक से काम नहीं कर रहा है। कुमार ने कहा कि बड़ी संख्या में पीपीपी उद्यम अब गैर निष्पादित आस्तियों (एनपीए) में बदल चुके हैं। निजी क्षेत्र के लिए काफी जोखिम है। परियोजनाओं से संबंधित जोखिम है, भूमि अधिग्रहण काफी महंगा हो चुका है और निवेश से जीडीपी अनुपात कम हुआ है।

उन्होंने कहा, मोदी सरकार की मंशा और ध्यान पूरी तरह स्पष्ट है कि निजी क्षेत्र के उपक्रम को भी जगह मिलनी चाहिए। उसे प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए जिससे वह अर्थव्यवस्था में अपनी भूमिका निभा सके। सरकार की ऐसी कोई मंशा नहीं है कि वह खुद देश में वृद्धि का प्रमुख इंजन बने और यह संभव भी नहीं है। उन्होंने कहा कि दूसरे कार्यकाल में मोदी सरकार सात फीसद से अधिक वृद्धि पर ध्यान दे रही है। भारत ने आठ फीसद की वृद्धि भी हासिल की है। यह निजी क्षेत्र और निजी उपक्रमों की अगुवाई में हासिल हुई है। कुमार ने कहा, अगले पांच साल के दौरान भारत एक बड़े बदलाव की दिशा में होगा। यदि यह सफल होता है, जैसा कि यह सरकार चाहती है, तो आपको एक दशक से अधिक तक ऊंची वृद्धि देखने को मिलेगी। यह वृद्धि समावेशी और निरंतर होगी।

कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि कुछ सुधारों जैसे नोटबंदी आदि से अर्थव्यवस्था को अधिक व्यवस्थित किया जा सका है। यह पहले से अधिक व्यवस्थित है। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र को अधिक जगह देने की जरूरत है। यही वजह है कि इसी महीने पेश बजट में विनिवेश, संपत्ति मौद्रिकरण के लिए ऊंचा लक्ष्य रखा गया है और रेलवे में निजी क्षेत्र को प्रोत्साहित किया गया है।

 

You may also like

Leave a Comment