नई दिल्ली। विस्तृत व्यापार सुविधाओं तथा शुल्क में कमी से भारत और यूरोपीय संघ के बीच द्विपक्षीय व्यापार के 2022 तक मौजूदा 141 अरब डॉलर से बढक़र 200 अरब डॉलर पर पहुंच जाने की संभावना है, उद्योग संगठन पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष राजीव तलवार ने भारत और यूरोपीय संघ के मजबूत द्विपक्षीय संबंधों की सराहना करते हुए भारत को विदेशी कंपनियों के रक्षा विनिर्माण केंद्र तथा शोध एवं विकास इकाइयों का गढ़ बनाने पर जोर दिया। भारत में यूरोपीय संघ के राजदूत तोमास्ज कोज्लोवस्की ने कहा कि यदि दोनों पक्षों के बीच मुक्तव्यापार समझौता तथा निवेश संरक्षण करार उचित समय से हो जाता है तो द्विपक्षीय व्यापार कई गुणा बढ़ सकता है।
उन्होंने ब्रेक्जिट का जिक्रकरते हुए कहा कि इससे यूरोपीय संघ में भारतीय निवेश और व्यापार प्रतिबद्धताओं आदि पर कोई प्रतिकूल असर नहीं होगा। विदेश मंत्रालय की संयुक्त सचिव (मध्य यूरोप) डॉ अंजु कुमार ने इस मौके पर कहा कि भारत के यूरोपीय संघ और ब्रिटेन दोनों के साथ अच्छे संबंध हैं। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ और ब्रिटेन दोनों के साथ भारत के आर्थिक एवं व्यापार संबंधों पर ब्रेक्जिट का शायद ही कोई प्रतिकूल असर पड़े। इस अवसर पर पीएचडी मंडल के उपाध्यक्ष संजय अग्रवाल और उद्योग मंडल की मध्य यूरोप से जुड़े अंतरराष्ट्रीय मामलों की समिति के अध्यक्ष माहित जैन और सह- अध्यक्ष विक्रम गेरा भी उपस्थित थे।