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मूंग-देशी चना में भारी तेजी, मोटे व बारीक चावल टूटे

by admin@bremedies
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नई दिल्ली। गत सप्ताह मूंग-उड़द के तीन लाख टन से अधिक आयात पर प्रतिबंध लगा दियेे जाने से उत्पादक व बंदरगाह वाली मंडियों में कारोबारी माल रोकने लगे, जिससे उक्त दोनों दलहनों में 700/800 रुपए प्रति क्विँटल की भारी तेजी आ गयी। अंतिम दिन प्रोफिटेकिंग से 100/125 रुपए भाव दब गये। उसके अलावा देशी चना भी 600 रुपए उछल गया था। बाद में थोड़ी नरमी आ गयी। वहीं तुवर में कोई विशेष चाल नहीं आई क्योंकि आयातक बढ़े भाव पर माल बेच रहे थे। अनाजों में बारीक चावल, निर्यातकों की मांग ठण्डी पड़ जाने से 300/400 रुपए टूट गये। मोटे चावल में भी 25/50 रुपए की नरमी रही।
आलोच्य सप्ताह मूंग, उड़द के 3 लाख टन से अधिक आयात पर प्रतिबंध लगा दिये जाने से यूपी में कानपुर, लखनऊ के दाल मिलों की लिवाली बढ़ गयी जिससे 700/800 रुपए की तेजी आ गयी। उड़द एसक्यू 5450 से उछलकर 6250 रुपए बिक गया, लेकिन बाद में मुंबई के आयातकों की बिकवाली आने से इसके भाव 150 रुपए घटकर 6100 रुपए शनिवार को रह गये। एफएक्यू के भाव भी 5100 से घटकर 5000 रुपए पर आ गये। इसी तरह मूंग भी रांची लाइन की 4900 रुपए गत शनिवार को बिकने के बाद 5600 रुपए पर पहुंच गयी।
कानपुर, इलाहाबाद लाइन के भाव भी 5200/5350 रुपए की ऊंचाई पर जा पहुंचे। इसमें भी सप्ताह के अंतिम दिन थोड़ा बाजार नरमी लिये बंद हुआ, लेकिन उत्पादक मंडियों में माल की आवक घटने से बाजार टिके रहे। देशी चना भी अन्य दलहनों में तेजी आनेे एवं डिब्बे में बड़े सटोरियों की लिवाली से 5575 रुपए से छलांग लगाकर खड़ी मोटर में 6150 रुपए बिक गया, लेकिन अंतिम दिन दाल मिलों की मांग ठण्डी पड़ जाने एवं राम-रहीम के चक्कर में हरियाणा-पंजाब की मंडियां बंद हो जाने से दाल का उठाव घट गया। फलत: देशी चना 6000 रुपए खड़ी मोटर में रह गया। काबली चना 200/300 रुपए बढऩे के बाद सप्ताहांत में 100 रुपए मुलायम हो गया। वहीं बारीक चावल में निर्यातकों की मांग पूरी हो जाने के बाद नए शिपमेंट के लिए मांग ठण्डी पड़ गयी। दूसरी ओर डुप्लीकेट 1509 धान व चावल मंदे भाव में मंडियों में बिकने से 1121 चावल में भी एक बार फिर मंदे का दलदल बन गया। यहां 1121 सेला चावल 350/400 रुपए टूटकर 5000/5050 रुपए रह गया। चीका लाइन में 4950 रुपए भाव बोले गये। जबकि तरावड़ी में बढिय़ा राइस मिलों का माल 5000 रुपए तक बिकने की खबर थी। मोटे चावल में भी नये धान का दबाव अगले महीने बनने की संभावना से 25/50 रुपए की नरमी रही। बाजरा भी ग्राहकी कमजोर होने एवं हरियाणा-राजस्थान में 15 दिनों में फसल तैयार होने से बिकवाली के प्रैशर में 20/30 रुपए घटकर 1200/1210 रुपए प्रति क्विंटल रह गया।(एनएनएस)

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