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टेलीकॉम कंपनियों को IOT से मिलेगा 15% तक रेवेन्यू

by admin@bremedies
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नई दिल्ली- इंडियन टेलीकॉम सेक्टर में तगड़े कॉम्पिटिशन के चलते वॉयस और डेटा सर्विसेज के रेट अरसे तक कमजोर बने रह सकते हैं। एनालिस्टों का कहना है कि ऐसे में मोबाइल फोन ऑपरेटर्स फ्यूचर में रेवेन्यू के लिए (इंटरनेट ऑफ थिंग्स) यानी IOT पर दांव लगा सकते हैं। उनका अनुमान है कि टेलीकॉम कंपनियों के रेवेन्यू में IOT का योगदान मौजूदा 1 पर्सेंट से बढ़कर 10-15 पर्सेंट तक पहुंच सकता है।
एक्सपर्ट्स IOT को वॉयस, वीडियो, डेटा और सेल्युलर जैसे चार कनेक्टेड डिवाइस कम्युनिकेशन में पांचवां एडिशन मान रहे हैं। सीएमआर के जनरल मैनेजर-रिसर्च एंड कंसल्टिंग फैसल कवूसा के मुताबिक, टेलीकॉम कंपनियों के रेवेन्यू में इंडीविजुअल्स के जरिए IOT का योगदान बढ़ सकता है। कंपनियों के प्रति यूजर एवरेज रेवेन्यू यानी ARPU में कई गुना बढ़ोतरी हो सकती है। कवूसा कहते हैं, IOT में यूजर कई मशीनों के जरिए टेलीकॉम सर्विसेज का इस्तेमाल करते नजर आएंगे। ऐसे में हमें रेवेन्यू को ARPUPI (एवरेज रेवेन्यू पर यूजर पर इंटरफेस) के तौर पर देखना शुरू करना होगा। अभी ऑपरेटर्स को वॉयस और डेटा से 75:25 अनुपात में रेवेन्यू मिल रहा है। प्लेन डेटा रेवेन्यू टिकाऊ नहीं होगा और कंपनियों को वैल्यू ऐडेड सर्विसेज के अलावा IOT से ज्यादा रेवेन्यू मिलेगा।
अमेरिकी IOT सर्विस प्रोवाइडर एरिस कम्युनिकेशंस के प्रेसिडेंट ऋषि मोहन भटनागर का अनुमान है कि आने वाले समय में टेलीकॉम कंपनियों को लगभग 15 पर्सेंट रेवेन्यू IOT से मिलेगा। हालांकि कंसल्टेंसी फर्म एनालिसिस मेसन के सिद्धार्थ ठक्कर के मुताबिक टेलीकॉम कंपनियों को इससे लगभग 5 पर्सेंट रेवेन्यू ही मिल सकता है। ज्यादा कामयाब कंपनियों के लिए यह 10 पर्सेंट हो सकता है।
ठक्कर कहते हैं, अभी दुनियाभर में ज्यादातर टेलीकॉम कंपनियों को IOT के जरिए 1 पर्सेंट से भी कम रेवेन्यू मिल रहा है। वोडाफोन अपवाद है जो इससे लगभग 1.4 पर्सेंट रेवेन्यू कमा रहा है।
एनालिसिस मेसन के मुताबिक, ऑपरेटर्स कंज्यूमर्स और कंपनियों दोनों को खुद के कंपलीट एंड टु एंड सॉल्यूशंस बेचने की कोशिश कर रहे हैं। मिसाल के लिए वोडाफोन ने हाल ही में कंज्यूमर IOT डिवीजन शुरू किया है और वह पेट ट्रैकर और स्मार्ट होम सॉल्यूशंस जैसे प्रॉडक्ट्स बेचने की संभावना तलाश रही है। वोडाफोन के सीनियर एग्जिक्यूटिव सतीश मित्तल कहते हैं, हमारे IOT का इस्तेमाल करनेवाले 60 पर्सेंट से ज्यादा यूजर्स को अपने इनवेस्टमेंट पर दमदार रिटर्न मिला है। इसलिए हम इन यूजर्स पर बड़ा दाव लगा रहे हैं और हम दूसरे सेक्टर्स में भी अपनी सर्विसेज देने की कोशिश करेंगे। उन्होंने वोडाफोन की एनुअल IOT बैरोमीटर रिपोर्ट 2016 के डेटा के आधार पर ये बातें कहीं। इस रिपोर्ट के मुताबिक, IOT से एशिया प्रशांत क्षेत्र की 25 पर्सेंट कंपनियों का रेवेन्यू बढ़ा है और ऑटोमेशन के चलते कॉस्ट घटी है।

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