Wednesday, December 17, 2025 |
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चार श्रम संहिताएं से श्रमिकों का सम्मान

by Business Remedies
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मोदी सरकार की ओर से गत दिनों चार श्रम संहिताएं लागू कर भारत के श्रमिकों का सम्मान किया है। इसमें औद्योगिक संबंध संहिता, व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य दशा संहिता, वेतन संहिता तथा सामाजिक सुरक्षा संहिता शामिल हैं। यह चार श्रम संहिता देश के श्रमबल के लिए बेहतर वेतन, रक्षा, सामाजिक सुरक्षा और बेहतर कल्याण जैसे बड़े बदलाव की शुरुआत हैं। ये संहिताएं सुरक्षित और भविष्य के लिए तैयार श्रमबल तथा मजबूत इंडस्ट्रीज की नींव रखते हैं, रोजगार को बढ़ावा देते हैं और आत्मनिर्भर भारत के लिए श्रम सुधारों को आगे बढ़ाते हैं। संहिताएं देश के श्रम परितंत्र को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाते हैं, जिससे सभी कामगारों के लिए सामाजिक न्याय मिल सकेगा। यह देश के श्रम क्षेत्र में पारदर्शिता, सम्मान और स्थिरता का नया युग भी आरंभ करेंगी। इन संहिताओं के लागू होने से श्रमिकों को सुरक्षित, स्वस्थ और सम्मानजनक कार्य वातावरण मिलेगा।

नए श्रम कानून श्रमिकों और उद्योगों के बीच संतुलन, सामंजस्य और सहयोग की उस मजबूत नींव को स्थापित करते हैं, जिस पर आत्मनिर्भर भारत का भव्य शिखर निर्मित होगा। श्रम की प्रतिष्ठा और श्रमिकों की प्रगति ही राष्ट्र की शक्ति है। इससे भारत जल्द विकसित राष्ट्र की श्रेणी में पहुंच सकेगा। देश के कई श्रम कानून आजादी से पहले और आजादी के बाद के शुरुआती दौर में बनाए गए थे, उस समय जब अर्थव्यवस्था और काम की दुनिया असल में बहुत अलग थी। जहां बड़ी अर्थव्यवस्था वाले अधिकतर देशों ने हाल के दशकों में अपने श्रम नियमन को अद्यतन और मजबूत किया है, वहीं भारत 29 केंद्रीय श्रम कानूनों में फैले बिखरे हुए, मुश्किल और कई हिस्सों में पुराने नियमों के तहत काम करता रहा। चार श्रम कानून को लागू करने से औपनिवेशिक जमाने की संरचना से आगे बढऩे और आधुनिक वैश्विक ट्रेंड के साथ तालमेल बिठाने की लंबे समय से चली आ रही जरूरत को पूरा किया जा सकेगा।



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