Thursday, August 11, 2022
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विकास साथ होता है

by admin@bremedies
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मोदी जिसपल से गुजरते हैं, विकास साथ होता है। विकासशील देश के विभिन्न साधनों को विशेष ध्यान रखा जाता है, जहां असीमित मात्रा में वित्तीय साधन उपलब्ध होते हैं। पर्याप्त पूंजी का निर्माण किया जाता है। औधोगिकरण बुनियादी विकासों से बड़े विनियोंगों से पूंजी निर्माण प्रोत्साहन बनाया जाता है। ये सारे कार्य सरकार प्रजातांत्रिक ढंग से व्यवस्थित करती है। कंपनियों की वित्तीय साधनों की सुनिश्चियता, सुदृढ़ीकरण से ही विकास एवं विस्तार संभव किया जाता है। अपनी प्रतिस्पर्धात्मक स्थितियों परिस्थितियों से बाजारों का सुदृढ़ीकरण, उत्पादन, लाभ स्थापित कर निरंतर शोध व विकास कार्य जारी रखे जाते है। मोदी इन विकास कार्यों की प्रगति कर लोगों के जीवन स्तर में वृद्धि लाने का सपना रखते हैं। जहां सामाजिक दायित्वों गरीबी उन्मूलनता, रोजगार वृद्धि राष्ट्र निर्माण का विशेष ध्यान रखा जाता हैं।
मोदी ने इसीलिये जीएसटी का सरलीकरण कर कराधारों में परिवर्तन किया है। कर किसी सार्वजनिक संस्था द्वारा लगाया गया वा अनिवार्य अंशदान होता है जहां करदाता को बदले में निश्चित मात्रा में सेवाएं प्राप्त होती है। यदि नहीं भी हो तो भी इसे सजा के रूप में नहीं लगाया जाता है। ये वो अंशदान है जिसे सरकार नागरिकों के सामान्य हित व कल्याण कार्यों के लिए ही खर्च करती है तथा नागरिकों से वसूलती है। सरकार सार्वजनिक हित के लिए अनेक व्यय करती है एवं इसकी पूर्ति हेतु अनिवार्य रूप से जो धन प्राप्त करती है, उसे कर कहा जाता है।
मोदी इसी से आर्थिक विकास की गति को तीव्र कर रहे हैं। असमानता भी हरा रहे हैं। नियमन किया जा रहा है तथा नियंत्रण के जरियें बचत, पूंजी निर्माण, आर्थिक विकास, समाजवादी व कल्याण कारी समाज की स्थापना से जुटे है। मोदी सामान्यतया ज्यादा से ज्यादा विकासवाद के सिद्धांतों को ही मान्यता देते रहे है। लोकतंत्र में लोग प्र.म. से जनरली प्रार्थना की ताकत पेश करते हैं।
अत: जो प्रार्थना सुनता है वहां फर्क अवश्य पड़ता हैं। मोदी के दिल व मन में मौन बोलता है जहां प्रार्थना सुनना ही विकास की शुरूआत मानी जाती है। मोदी का सिद्धांत है निष्पक्षता का व्यवहार जो देश के भविष्य की सर्वेश्रेष्ठ अपेक्षा हो, उसके लिए कार्य किया जाये। सदैव बुद्धिमता व विवेक और समझदारी से विकास कार्यों का आगे
बढ़ाया जावे।
मोदी आज ट्रंप की तुलना में भी ऐसे महान व्यक्ति हैं जो अपनी बातचीत की शैली में अन्य राष्ट्रों के सर्वोच्च प्रतिनिधियों को सीधे तौर पर स्पष्ट बात कर प्रभावित करते हैं। इन दिनों पाकिस्तान कों अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मोदी ने आतंक समर्थित राष्ट्र डिक्लेयर करवा दिया है। हाल ही अमेरिका ने भी पाकिस्तान को आतंकवाद का डबल गेम खेलने के लिए सख्ती से लताड़ा है। ट्रंप ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि भारत अमेरिकी रिश्तों की मजबूत साझेदारी में पाकिस्तान रूकावट नहीं बने।
मोदी आज भारत का निर्माण कर रहे हैं तथा भारत को एक मजबूत ताकत बना रहे हैं, जहां विकास किया जा सकता है। मोदी ने अंतरिक्ष क्षेत्र, बायोटेक तथा स्टार्ट अप और डिजिटल क्षेत्र में भारत का महान वर्चस्व विश्वस्तरीय बनाया है। स्टार्ट अप में लगभग पिछले वर्ष ३०,५०० करोड़ का निवेश छुपा और हाल ही छ: महीनों में ३६,८०० करोड़ की फंडिंग को पार किया हैं। देश के विदेशी मुद्रा भंडार में भी अच्छी वृद्धि देखने को मिली है। उधर चीन से भी मोदी ने डोकलाम विवाद पर कूटनितिक सफलता पाई है। फिलहाल यहां से दोनों देश अपनी-अपनी सेनाएं हटाने पर सहमत हुए है। तात्कालिक रूप से सेनाओं की गर्मी को विराम मिला है। मोदी राजनीति में बेहद निजात हैं। वे शासन में सुस्ती नहीं आने देना चाहते। यदि कही कानूनी या अन्य कारणों से शिथिलता आती है तो उसमें विवेक से सुधार लाकर उसका निस्तारण किया जावे। देश का अर्थशास्त्र भी एक महाभारत जैसा है जहां पर हर चीज ज्यादातर राजधर्म व अर्थ व्यवस्था, पर केन्द्रित होती है। विकास के लिए सदैव राष्ट्र सुरक्षा, वृद्धि के उपाय, युद्धनीति सैन्य संचालन, बुनियादी विकास लक्षण, नीतियों आदि की जरूरत रहती है। इन सभी जगहों पर व्यवस्थाओं को विकसित करना व समझना पड़ता है। धर्म भी सदैव राजनीति और अर्थव्यवस्था मेंं साथ-साथ चलता है। यदि विकसित कार्य विकास सदैव देश के साथ होते है। शासन वास्ते जनकल्याण के लिए करों का वसूली करण ऐसा होना चाहिए जो विकास कार्यों को गति दे सकें देश में न्यायिक व्यवस्था भी इसिलिए होती है जहां सामान्य जीवन लोगों का सदैव विकसित बना रहे। मोदी जानते है कि शासन व दंड में शिथिलता से ही अपराध वृत्ति- भ्रष्टाचार बढ़ता है। इसलिए यहां समष्टि की आवश्यकता होती है। पिछली सरकार में शासक वर्ग के भ्रष्ट हो जाने के कारण ही जनता ने उन्हें सत्ता से मुक्त कर दिया जो एक मात्र विकल्प था।

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