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व्यापार घाटा कम होने, धन प्रेषण बढऩे से चालू खाता अधिशेष में मदद मिली: क्रिसिल

by Business Remedies
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rating agencies CRISIL

बिजनेस रेमेडीज/कोलकाता। पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में वस्तुओं के व्यापार घाटे में कमी, विदेशों से धनप्रेषण में वृद्धि और सेवा व्यापार में अधिशेष से देश का चालू खाता अधिशेष की स्थिति में रहा। क्रिसिल ने एक रिपोर्ट में यह बात कही।

हाल ही में प्रकाशित आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी-मार्च, 2024 की अवधि में देश के चालू खाते में 5.7 अरब डॉलर का अधिशेष रहा, जो Gross domestic product (GDP) का 0.6 प्रतिशत है।

Rating agencies CRISIL ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि वित्त वर्ष 2023-24 की तीसरी तिमाही में चालू खाता 8.7 अरब डॉलर के घाटे में था, जो जीडीपी का एक प्रतिशत है। वित्त वर्ष 2022-23 की चौथी तिमाही में देश का चालू खाता भी 1.3 अरब डॉलर के घाटे में था, जो जीडीपी का 0.2 प्रतिशत है। रिपोर्ट के मुताबिक, “बीते वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में चालू खाता अधिशेष सुधार के साथ जीडीपी का 0.6 प्रतिशत हो जाना तीनों मोर्चों पर सुधार दिखाता है। इसका मतलब है कि वस्तु व्यापार घाटा कम हुआ, सेवा व्यापार अधिशेष बढ़ा और विदेश से धनप्रेषण भी बढ़ा।” क्रिसिल ने कहा कि वित्तीय प्रवाह भी बढऩे से चौथी तिमाही के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार में 30.8 अरब डॉलर की वृद्धि हुई।

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