Sunday, June 14, 2026 |
Home Corporate WorldAxis Bank ने चालू खाते वाले ग्राहकों के लिए रीकेवायसी और Business Profile Update को बदलने के लिए पेश किए एआई आधारित अनुपालन समाधान

Axis Bank ने चालू खाते वाले ग्राहकों के लिए रीकेवायसी और Business Profile Update को बदलने के लिए पेश किए एआई आधारित अनुपालन समाधान

by Business Remedies
0 comments
axis bank Digital Payments

मुंबई, 8 मई, 2026: भारत में निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंकों में से एक, एक्सिस बैंक ने आज अपने चालू खाते रखने वाले ग्राहकों के लिए एआई आधारित अनुपालन परिवर्तन समाधान (कंप्लायंस ट्रांसफॉर्मेशन सॉल्यूशन) का एकीकृत सेट लॉन्च करने की घोषणा की। यह व्यवसायों के लिए पारंपरिक रूप से जटिल और बहुत अधिक समय लेने वाली नियामकीय प्रक्रियाओं को आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इन नई पेशकशों में एआई आधारित रीकेवायसी समाधान और एआई आधारित डिजिटल बिज़नेस प्रोफाइल अपडेट सेवा शामिल है। ये दोनों समाधान तेज़, अपेक्षाकृत अधिक सटीक और पूर्ण रूप से डिजिटल अनुपालन सेवा प्रदान करने के लिए तैयार किए गए हैं।

डिजिटल बिज़नेस प्रोफाइल अपडेट सेवा से चालू खाता (करेंट अकाउंट) रखने वाले ग्राहकों को पूर्ण रूप से डिजिटल और कागज़रहित प्रक्रिया के ज़रिये अपने व्यवसाय के विवरण, जैसे व्यवसाय के स्वरूप आदि को आसानी से अपडेट करने में मदद मिलती है। यह सेवा जेनेरेटिव एआई और रीयल-टाइम जीएसटी फाइलिंग डेटा के आधार पर 3,000 से अधिक विकल्पों में से सबसे उपयुक्त व्यवसाय कोड का स्वचालित रूप से अनुमान लगाती है और उसे निर्धारित करती है। इससे मैनुअल डेटा एंट्री, कागज़ी कार्रवाई या बैंक शाखा में जाने की ज़रूरत नहीं रहती। इस प्रक्रिया में पहले बहुत प्रयास करने पड़ते थे और काफी समय लगता था, लेकिन अब इसे जीएसटी-सत्यापित जानकारी के ज़रिये, सटीकता के साथ, तुरंत पूरा किया जा सकता है।

यह सेवा, ग्राहकों को बिना किसी कागज़ी कार्रवाई के, तुरंत जमा करने की सुविधा के साथ-साथ सहज डिजिटल अनुभव प्रदान करती है। फ्रंटलाइन और परिचालन टीमों के लिए, इसका अर्थ है कम काम, कम परिचालन कार्यभार और कम त्रुटियां। बैंक के लिए, यह सेवा जीएसटी जानकारी के साथ एकीकृत लार्ज लैंग्वेज मॉडल (एलएलएम) के पहले बड़े पैमाने के अनुप्रयोगों में से एक का प्रतिनिधित्व करती है, जिसका उद्देश्य है, अनुपालन नियंत्रण बढ़ाते हुए दक्षता बढ़ाना।

साथ ही, एक्सिस बैंक ने गैर-व्यक्तिगत चालू खाते रखने वाले ग्राहकों के लिए भी एआई आधारित रीकेवायसी समाधान पेश किया है, जो पारंपरिक रूप से हाथ से की जाने वाली प्रक्रिया को एआई आधारित वर्कफ्लो में बदल देता है। पहले इस प्रक्रिया में कई किस्म के दस्तावेज़ की ज़रूरत होती थी और बहुत सी गलतियों की संभावना रहती थी। बैंक की मौजूदा अनुपालन सुधार संबंधी पहलों के अंग के रूप में पेश किया गया यह समाधान अब पूरे भारत में लागू कर दिया गया है और इसमें प्रमुख ग्राहक श्रेणियां शामिल हैं, जो रीकेवायसी की कुल मात्रा के लगभग 90% के बराबर हैं।

 

यह समाधान उन्नत दस्तावेज़ी जानकारी का उपयोग कर, एक ही पीडीएफ के भीतर जमा किए गए कई केवायसी दस्तावेज़ की स्वचालित रूप से पहचान करता है, उन्हें निकालता है और उनका सत्यापन करता है। शाखा के उपयोगकर्ताओं को वास्तविक समय के आधार पर दिशानिर्देश दिया जाता है; सिस्टम डेटा एंट्री के समय छूटे दस्तावेज़, डेटा की कमियों या गुणवत्ता से जुड़ी समस्याओं को पहले से ही पहचानकर बता देता है, जिससे सक्रियअनुपालन संभव होता है और दस्तावेज़ को जमा करने के बाद जो जांच होती थी उसकी ज़रूरत खत्म हो जाती है और पहले से ही रोकथाम संभव हो जाती है।

शुरुआती नतीज़ों से पता चलता है कि दोबारा काम करने और फॉलो-अप की ज़रूरत काफी कम हुई है, काम पूरा होने में लगने वाला समय कम हुआ है, और शाखा तथा परिचालन टीमों की उत्पादकता बढ़ी है। उम्मीद है कि इन निर्देशित प्रक्रियाओं से ‘नॉट फर्स्ट टाइम राइट’ (एनएफटीआर- पहली बार में ठीक नहीं) दर कम होगी, ‘फर्स्ट टाइम राइट’ (पहली बार में ही ठीक) प्रदर्शन बेहतर होगा, साथ ही पूरे नेटवर्क में अधिक मज़बूत और बड़े पैमाने पर लागू किए जा सकने वाला अनुपालन नियंत्रण स्थापित होगा।

एक्सिस बैंक के ग्रुप एग्ज़ेक्यूटिव – डिजिटल बिज़नेस, ट्रांसफॉर्मेशन एंड स्ट्रेटेजिक प्रोग्राम्स, समीर शेट्टी ने इस लॉन्च पर अपनी टिप्पणी में कहा, “एक्सिस बैंक इंटेलिजेंट ऑटोमेशन के ज़रिए ज़्यादा असरदार नियामकीय प्रक्रियाओं को नए सिरे से तैयार करने पर रहा है। एआई आधारित अनुपालन समाधानों की शुरुआत के साथ, आवश्यक मैन्युअल और गलतियों की गुंजाइश वाली प्रक्रियाओं की जगह अब बिना किसी रुकावट के, इनसाइट आधारित परिचालन ने ले ली है। जेनरेटिव एआई, डॉक्यूमेंट इंटेलिजेंस और वास्तविक समय के आधार पर जीएसटी डेटा का मेल हमें बड़े पैमाने पर जटिल वर्कफ्लो को आसान बनाने में मदद करता है, जिससे ग्राहकों के लिए यह प्रक्रिया तेज़ और कागज़ रहित हो जाती है, साथ ही अनुपालन और परिचालन मज़बूती भी बढ़ती है। ये समाधान हमारे उस बड़े लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं, जिसके तहत हम भविष्य की ज़रूरतों के लिए तैयार, एआई आधारित ऐसी प्रणालियों का निर्माण करना चाहते हैं, जो हर बिज़नेस बैंकिंग टचपॉइंट पर भरोसा, पारदर्शिता और सुविधा बढ़ाएं।”



You may also like

Leave a Comment