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5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था में एमएसएई क्षेत्र का योगदान 2,000 अरब डॉलर करने पर सरकार का जोर

by Business Remedies
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नई दिल्ली। सरकार सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों पर जोर दे रही है। देश को 2024 तक 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में एमएसएमई क्षेत्र का योगदान दो अरब डॉलर सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा है।
एमएसएमई मंत्रालय ने वर्षांत समीक्षा 2019 में कहा कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत 65,312 नए सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना की गई है। इसमें कहा गया है , “भारतीय अर्थव्यवस्था के 2024 तक 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के साथ दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनकर उभरने की उम्मीद है। हमारा लक्ष्य है कि पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था में एमएसएमई क्षेत्र का योगदान कम से कम 2,000 अरब डॉलर हो।” मंत्रालय ने कहा कि पीएमईजीपी के तहत 5,22,496 नौकरियां सृजित हुई हैं और 1,929.83 करोड़ रुपये की सब्सिडी का उपयोग किया गया है। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) एक प्रमुख कर्ज आधारित सब्सिडी कार्यक्रम है जिसे एमएसएमई मंत्रालय द्वारा 2008-09 से लागू किया गया है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों में पारंपरिक कारीगरों एवं बेरोजगार युवाओं की मदद करके गैर-कृषि क्षेत्र में सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना करते हुए स्वरोजगार के अवसर पैदा करना है।

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