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सीधी बात…

by Business Remedies
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व्यवसाय को बढ़ाने की ट्रिक देती हैं स्वपनिल जैन…..

 छोटी सी उम्र मे ही जयपुर निवासी स्वपनिल जैन ने बड़े बड़े कारोबारियों को अपना व्यापार किस प्रकार से बढ़ाए और अलग पहचान कैसे बनाए यह गुर सिखा दिया। ब्रांडिंग और मार्केटिंग कैसे हो और प्रचार -प्रसार किस अंदाज मे किया जाए यह कला सिखाती हैं स्वपनिल जैन हर कदम पर उनकी माँ समता जैन ने ऐसे अवसर और प्रेरणा दी की स्वपनिल अपना सपना पूरा कर सके जब उनसे पहला सवाल किया गया की आपकी प्रेरणा स्त्रोत कौन हैं तो एक ही जवाब रहा केवल मेरी माँ समता जैन जिन्होंने मुझे हमेशा आगे बढऩे और नित्य नया सिखने को प्रेरित किया। स्वपनिल जैन का कहना हैं कोई भी व्यक्तिबगैर परिवार के सहयोग के कुछ नहीं कर सकता मेरे पिता ऋषि जैन जोकि ट्यूर एंड ट्रेवल व्यवसाय से जुड़े हैं उन्होंने छोटी सी उम्र मे ही मुझे व्यवसाय की बारिकियों को समझाया और हर चुनौती को हंसते हुए स्वीकार करने की प्रेरणा दी। स्वपनिल का कहना हैं की इस समय छोटे और मध्यम उद्योग चलाने वालो को प्रेरित कर रही हैं ज्यादातर लोगो को आज भी ब्रांडिग, मार्केटिंग और एडवर्टाइज मे फर्क समझ नहीं आता जबकि यह तीनो सब्जेक्ट व्यवसाय के अलग -अलग पार्ट हैं।  जयपुर के प्रगतिशील जैन परिवार मे 3 दिसम्बर 1998 को जन्मी स्वपनिल जैन ने 14 वर्ष की उम्र से ही अपनी अलग पहचान बनाना शुरू कर दिया। अनेक सामाजिक संगठनो की गतिविधियों मे भाग लेकर पहले सामाजिक सरोकार के काम और उसके साथ ही कुशल व्यवसाई के रुप मे पहचान बनने लगी। स्वपनिल जैन को वर्ष 2017 मे प्राउड ऑफ राजस्थान, वर्ष 2018 मे मिस कान्फिडेंस अवार्ड और वर्ष 2022 मे बेंट ऑफ इण्डिया, वर्ष 2023 के प्रारम्भ मे राजस्थान रत्न जैसे सम्मान भी मिल चुके हैं फोर्टी की वुमन्स इकाई से जुड़ कर भी स्वपनिल जैन ने महिला उद्यमियों को सहयोग किया हैं। स्वयं की रूचि के बारे मे उनका कहना हैं की मुझे नए -नए लोगो से मिलना बहुत अच्छा लगता हैं हर नए व्यक्ति का नया विचार और नया सुझाव, नई सोच आगे बढऩे मे मेरी सहायता करती हैं। स्वपनिल का कहना हैं उनका मुकाबला खुद से ही हैं वह हर वर्ष खुद का स्वयं ही आंकलन करती हैं की इस वर्ष मे उन्होंने क्या खोया और कितना पाया इसके साथ ही अगले वर्ष का लक्ष्य भी खुद ही तय करती हैं। उनका सपना हैं की वह देश भर मे ब्रांडिंग के क्षेत्र मे अपनी अलग पहचान बनाकर जानी जाए। उनका कहना हैं अभी सबसे ज्यादा कम्पिटिशन और चुनौती लघु और मध्यम उधोगो के सामने हैं इसलिए वे अभी ऐसे ही व्यवसाईयों के लिए ही कार्य कर रही हैं। महिला होने के नाते चुनौती के सवाल पर स्वपनिल जैन का कहना हैं महिला ही हर चुनौती को स्वीकार कर सकती हैं और सफल भी होती हैं। मूवी देखने का शौक भी स्वपनिल जैन रखती हैं कंटेंट राइटर के रुप मे कई समसामयिक विषयो पर अपनी कलम चलाने के साथ ही एक अंग्रेजी पत्रिका का सम्पादन करने का भी उन्हे अवसर मिला हैं सेंट एंजिया सोफिया स्कूल और आर्या कॉलेज से शिक्षा प्राप्त करने के दौराना वे पिता के व्यवसाय मे दिलचस्पी लेने लगी और स्वयं को भी एक कुशल व्यवसाई बनाने का संकल्प ले लिया।

उमेन्द्र दाधीच

@बिज़नेस रेमेडीज

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