Friday, August 12, 2022
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मांगें नहीं माने जाने पर राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ आंदोलन को कर सकता है उग्र

by Business Remedies
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जयपुर। राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ ने मांगों के समाधान के लिए प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री, कृषि मंत्री तथा केन्द्र के वित्त राज्यमंत्री को ज्ञापन भिजवाया है।
ज्ञापन में बताया कि यदि केन्द्र सरकार 14 सितम्बर 2019 तक हमारी मांगों का समाधान नहीं करती है तो राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ १४ सितम्बर को राज्य के सभी व्यापारियों को आमंत्रित कर एक विशाल प्रतिनिधि सभा का आयोजन कर आगे आंदोलन की रूपरेखा निर्धारित करने के लिए बाध्य होगा। इस सभा में अनिश्चितकालीन बंद का निर्णय भी लिया जा सकता है। राज्य की विभिन्न मण्डियों द्वारा धरना-प्रदर्शन करते हुए संबंधित अधिकारियों को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन देने वालों में सवाईमाधोपुर, गंगापुरसिटी, मण्डावर, लालसोट, मण्डावरी, बांदीकुई, हिण्डौन, श्रीमाधोपुर, देवली, कोटा, बूंदी, बीकानेर, जोधपुर, उदयपुर, नागौर, कुचामनसिटी, मेडतासिटी, संगरिया, हनुमानगढ़, पीलीबंगा, जैतसर और घड़साना ने ज्ञापन प्रस्तुत किये।
राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के अध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता ने बताया कि हमने पत्र लिखकर केन्द्रीय वित्तमंत्री एवं कृषि मंत्री से समय मांगा है। राज्य सरकार से भी समस्याओं के समाधान के लिए समय मांगा गया है। केन्द्र सरकार के मंत्रियों को लिखे गये पत्र के साथ राज्य के सांसद द्वारा रिकमंड किये गये पत्र की राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ की समस्याओं के समाधान न्यायोचित है, प्रेषित किये गये है। यदि केन्द्र सरकार समस्याओं का समाधान नहीं करती है तो 20 लोगों की कमेटी दिल्ली जायेगी और संबंधित मंत्रियों एवं अधिकारियों से मुलाकात करेगी।
उल्लेखनीय है कि राज्य की सभी 247 मण्डियों में व्यापार बंद रहा। बंद व्यापार के कारण मण्डियों में 3200 करोड़ रुपये का टर्नऑवर प्रभावित हुआ है। इसी प्रकार राज्य का रेवेन्यू तथा व्यापारियों को भी नुकसान हुआ है।

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