Home प्रादेशिक प्रतिस्पर्धा के युग में अधिकतर संस्थान अपना रहे हैं आईएसओ सिस्टम : सिंघवी

प्रतिस्पर्धा के युग में अधिकतर संस्थान अपना रहे हैं आईएसओ सिस्टम : सिंघवी

by Business Remedies
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उदयपुर। प्रतिस्पर्धा के इस युग में वे औद्योगिक इकाईयां और व्यवसायी ही टिक पाएंगे जो ग्राहक की जरूरत को समझते हुए ‘ग्राहक की सन्तुष्टिÓ को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगें। यही कारण है कि ज्यादातर संस्थान आईएसओ सिस्टम को अपना रहे हैं। यह बात रमेश कुमार सिंघवी ने उदयपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री के पायरोटेक टेम्पसन्स सभागार में ‘इन्टीग्रेटेड मैनेजमेन्ट सिस्टम एवं इंटरनल ऑडिटर ट्रेनिंगÓ विषय पर चार दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में कही। इस प्रशिक्षण शिविर का आयोजन उदयपुर चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री द्वारा इन्टरनेशनल सर्टिफिकेशन सर्विसेज, मुम्बई के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा हैं। कार्यक्रम के आरम्भ में अध्यक्ष रमेश कुमार सिंघवी ने शिविर में भाग लेने आये सभी प्रशिक्षणार्थियों का यूसीसीआई में स्वागत किया। इस दौरान सिंघवी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मानकों का महत्व बढ़ता जा रहा है, क्योंकि इन स्टैण्डर्ड को लागू करके संस्थान में क्वालिटी और दक्षता में नियमित सुधार लाया जा सकता है।
प्रशिक्षण शिविर के विषय विशेषज्ञ आईसीएस, मुम्बई के हरिदासन टी. ने कहा कि उद्यमशीलता को सरकार द्वारा प्रोत्साहन प्रदान किया जा रहा हैं, जिससे नए उद्योगों एवं व्यवसायों की संख्या बढ़ी हैं। इनकी संख्या बढऩे से इनमें परस्पर प्रतिस्पर्धा में भी वृद्धि हुई हैं। इस कारण ‘ग्राहक की सन्तुष्टिÓ का महत्व बढ़ा है, क्योंकि ग्राहक के पास उत्पादों तथा सेवाओं के चयन के लिए ढेर सारे विकल्प मौजूद हैं।
इसी प्रकार वरिष्ठ उपाध्यक्ष हेमन्त जैन ने प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि संस्थान द्वारा आई.एस.ओ. प्रमाणीकरण के तहत जो सिस्टम विकसित किया जाता है उसके अच्छे परिणामों का लाभ भी संस्थान को मिलता है।
इस प्रशिक्षण शिविर में ए एण्ड डी इन्टरनेशनल, टेम्पसन्स इंस्ट्रूमेन्ट्स, एक्यूरेट सेनसिंग, मैराथन हीटर, जय वर्धमान खनिज उद्योग, पायरोटेक इलेक्ट्रॉनिक्स, शाह पॉलीमर्स, एसोसिएटेड सोपस्टोन डिस्ट्रीब्यूटिंग कम्पनी, जी.जी. वॉल्व, हिन्दुस्तान जिंक, लिपी डाटा, कुन्दन स्विचगीयर्स, पायरोटेक वर्कस्पेस सॉल्यूशंस आदि संस्थानों के अधिकारी एवं प्रबन्धक भाग ले रहे हैं।

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