Home अर्थव्यवस्था देश का राजकोषीय घाटा 9.85 लाख करोड़ रुपये रहा, संशोधित बजट अनुमान का 128.5 प्रतिशत

देश का राजकोषीय घाटा 9.85 लाख करोड़ रुपये रहा, संशोधित बजट अनुमान का 128.5 प्रतिशत

by Business Remedies
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नई दिल्ली। चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से लेकर जनवरी तक सरकार की कुल प्राप्तियां 12.82 लाख करोड़ रुपये और कुल व्यय 22.68 लाख करोड़ रुपये रहा। सरकार को चालू वित्त वर्ष में जनवरी महीने तक 12,82,857 करोड़ रुपये की कुल प्राप्ति हुई । इसमें कर से 9,98,037 करोड़ रुपये, गैर-कर प्राप्तियां 2,52,083 करोड़ रुपये रहीं।
पूंजीगत प्राप्तियां 32,737 करोड़ रुपये रहीं। पूंजीगत प्राप्तियों में 18,351 करोड़ रुपये विनिवेश से प्राप्त हुए। इस दौरान राज्य सरकारों को कर में हिस्सेदारी के रूप में 5,30,735 करोड़ रुपये वितरित किये गये हैं। यह पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 11,003 करोड़ रुपये कम है। आलोच्य अवधि के दौरान केंद्र सरकार का कुल व्यय 22,68,329 करोड़ रुपये रहा है। इसमें 20,00,595 करोड़ रुपये राजस्व खाते तथा 2,67,734 करोड़ रुपये पूंजी खाते का व्यय शामिल है। राजस्व खाते के कुल खर्च में 4.71 लाख करोड़ रुपये ब्याज का भुगतान पर तथा 2.62 लाख करोड़ रुपये बड़े सब्सिडी पर खर्च हुए हैं।जारी आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष के पहले 10 महीने में देश का राजकोषीय घाटा 9.85 लाख करोड़ रुपये रहा। यह संशोधित बजट अनुमान का 128.5 प्रतिशत है। सरकार ने बजट में चालू वित्त वर्ष के लिये राजकोषीय घाटे का संशोधित अनुमान सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 3.3 प्रतिशत से बढ़ाकर 3.8 प्रतिशत कर दिया है।

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