Home कम्पनी फोकस ड्रोन पॉयलट ट्रेनिंग, सर्विसेज एवं सॉफ्टवेयर क्षेत्र में कार्यरत प्रमुख कंपनी है ‘ड्रोनआचार्य एरियल इनोवेशन लि.

ड्रोन पॉयलट ट्रेनिंग, सर्विसेज एवं सॉफ्टवेयर क्षेत्र में कार्यरत प्रमुख कंपनी है ‘ड्रोनआचार्य एरियल इनोवेशन लि.

by Business Remedies
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अब ड्रोन बनायेगी कंपनी, साथ ही सर्विस के लिए खरीदेगी 103 ड्रोन

2030 तक ड्रोन मार्केट 2.95 लाख करोड़ रुपये होने की संभावना 

13 दिसम्बर को खुलकर 15 दिसम्बर, 2022 को बंद होगा कंपनी का आईपीओ

बिजनेस रेमेडीज/जयपुर। पिछले 3 दशकों में पहले आईटी और फिर टेलिकॉम प्रमुख ग्रोथ सेक्टर के रूप में उभरे, अब वर्तमान दशक में ड्रोन सेक्टर अगले उभरने वाले प्रमुख सेक्टर में शामिल है। वर्ष 2020 में देश का ड्रोन सेक्टर का मार्केट साइज करीब 2900 करोड़ रुपये का था जिसके कि वर्ष 2025 तक 80 फीसदी सीएजीआर से बढ़कर 81,600 करोड़ रुपये और फिर 35 फीसदी की सीएजीआर से बढ़कर 2.95 लाख करोड़ रुपये होने की संभावना है। ड्रोन सेक्टर को हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, सर्विसेज और ट्रेनिंग श्रेणियों में बांटा गया है। पूना आधारित कंपनी ‘ड्रोनआचार्य एरियल इनोवेशन लि.’ ड्रोन पॉयलट ट्रेनिंग, सर्विसेज एवं सॉफ्टवेयर क्षेत्र में कार्यरत प्रमुख कंपनी है। अब कंपनी ड्रोन हार्डवेयर श्रेणी में भी प्रवेश कर रही है। इससे कंपनी ड्रोन का संपूर्ण इकोसिस्टम मुहैया कराने वाली कंपनी बन जाएगी। कंपनी द्वारा 103 ड्रोन एवं संबंधित एसेसरीज खरीदने हेतु पूंजी जुटाने के लिए बीएसई एसएमई प्लेटफॉर्म पर आईपीओ लाया जा रहा है। बिजनेस रेमेडीज की टीम ने कंपनी प्रवर्तक प्रतीक श्रीवास्तव से कंपनी की कारोबारी गतिविधियों के संबंध में जानकारी हासिल की।

कंपनी की कारोबारी गतिविधियां: वर्ष 2017 में कंपनी का इनकॉर्पोशन हुआ था। कंपनी की स्थापना कर्नाटका स्टेट इलेक्ट्रेनिक्स डवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (क्रोनिक) के तहत एक ड्रोन स्टॉर्टअप के रूप में हुई थी। ड्रोनआचार्य एरियल इनोवेशन लिमिटेड मल्टी-सेंसर ड्रोन सर्वे,डाटा प्रोसेसिंग, ड्रोन पॉयलट ट्रेनिंग व स्पेशलाइज्ड जीआईएस ट्रेनिंग के लिए ड्रोन समाधानों का हाई एंड इकोसिस्टम प्रदान करता है।

कंपनी की सेवाएं मुख्य रूप से 4 श्रेणियों में विभक्त हैं।

1. ट्रेनिंग (डीजीसीए प्रमाणित ड्रोन पायलट ट्रेनिंग, ड्रोन बिल्डिंग, एरियल सिनेमैटोग्राफी और एरियल मेकिंग और ड्रोन डाटा प्रोसेसिंग)। कंपनी वर्तमान में ड्रोन से संबंधित 12 कोर्स करवा रही है।   

2. सर्विसेज (सरकारी और निजी संगठनों को परामर्श सेवाएं, रियल्टी कैप्चर डेटा प्रोसेसिंग सॉफ्टवेयर, शरारती यूएवी और यूटीएम हवाई यातायात प्रबंधन समाधान के लिए ड्रोन-विरोधी समाधान)।

3. सर्विलांस (भूमि सर्वेक्षण और पानी के नीचे की निगरानी सेवाएं)।

4. अन्य सेवाएं (लातविया की एसपीएच इंजीनियरिंग के साथ साझेदारी से कंपनी पर्यावरण निगरानी के साथ-साथ बाथीमेट्री, ड्रोन हाउज, हाइड्रोग्राफी, औद्योगिक और पुरातात्विक सर्वेक्षणों के लिए एकीकृत ड्रोन समाधान प्रदान करने में भी सक्षम हैं)।

कंपनी ड्रोन संबंधित पूर्ण विकसित अभिनव समाधान प्रदाता है और कंपनी का कार्यालय पूना में स्थित है। कंपनी ने मई,2022 में प्री-सीड फंडिंग राउंड से 4.6 मिलियन अमेरिकी डॉलर जुटाए हैं, जो देश भर में किसी भी ड्रोन स्टार्टअप के लिए सर्वाधिक है। कंपनी को वर्तमान में प्रमुख रूप से राजस्व ट्रेनिंग श्रेणी से प्राप्त हो रहा है और इसके बाद सर्विसेज एवं सॉफ्टवेयर से राजस्व प्राप्त हो रहा है।

कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन: कोविड की स्थिति से उभरते ही कंपनी के राजस्व और लाभ में प्रगति हुई। वित्त वर्ष 2022 में कंपनी ने 3.58 करोड़ रुपये का राजस्व एवं 40.65 लाख रुपये का कर पश्चात शुद्ध लाभ अर्जित किया है। वित्त वर्ष 2023 की जून तिमाही में कंपनी ने 3.08 करोड़ रुपये का राजस्व एवं 72.06 लाख रुपये का कर पश्चात शुद्ध लाभ अर्जित किया है। कंपनी प्रबंधन का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2023 में कंपनी वित्त वर्ष 2022 के मुकाबले 5 से 6 गुना अधिक करीब 18 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल करेगी और वित्त वर्ष 2024 में ड्रोन हार्डवेयर श्रेणी में प्रवेश के साथ कंपनी को 50 से 55 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल करने की उम्मीद है। कंपनी में केपिटल मार्केट के प्रमुख निवेशक शंकर शर्मा का साईजेबल स्टेक है।

कंपनी प्रवर्तकों का अनुभव: कंपनी प्रवर्तक एवं प्रबंधन निदेशक 38 वर्षीय यूवा उद्यमी प्रतीक श्रीवास्तव ने जीआईएस विकासकर्ता से उद्यमी बनने के साथ कई जीआईएस कंपनियों की स्थापना करने का सफर तय किया है। उनके व्यापार कौशल को देखते हुए उन्हें वर्ष 2018-19 में एशिया वन 40 अंडर 40 सबसे प्रभावशाली भारतीय के रूप में भी नामित किया गया। उन्होंने एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, बैंकॉक से रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस में एम. ई. की डिग्री प्राप्त की है और सौराष्ट्र विश्वविद्यालय, गुजरात से आईटी में बी.ई. की डिग्री हासिल की है। वें कंपनी में आवश्यक प्रौद्योगिकी और व्यवसाय का संतुलन बनाये रखते हैं और प्रौद्योगिकी संचालित कंपनी का नेतृत्व करते हैं। वें एक स्पष्ट टेक्नोक्रेट हैं और नई तकनीकों को लागू करने के इच्छुक हैं।

कंपनी प्रवर्तक 35 वर्षीया निकिता श्रीवास्तव कंपनी की पूर्णकालिक निदेशक है और उनके पास मानव संसाधन क्षेत्र भर्ती ,मुआवजा व लाभ, एचआर रिकॉर्ड प्रबंधन, एचआर नीतियों का विकास, कर्मचारी उन्मुखीकरण, टीम निर्माण एवं विकास करना, कार्यक्रम, प्रदर्शन समीक्षा और लेखा में विशेषज्ञता का 12 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वें कंपनी की एचआर संबंधित नीतियां बनाने में अहम योगदान निभा रही हैं।

कंपनी की भावी योजना: कंपनी प्रवर्तक प्रतीक श्रीवास्तव के अनुसार मार्च 2023 तक कंपनी 12 ट्रेनिंग सेंटर देश के प्रमुख लोकेशंस पर स्थापित करेगी। वहीं वित्त वर्ष 2024 तक ट्रेनिंग सेंटर की संख्या को बढ़ाकर 25 करने की योजना है। कंपनी  125 से अधिक लोगों को पायलट संबंधित ट्रेनिंग  देकर दूसरी ट्रेनिंग संबंधित सेवाएं देने वाली देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बन थी। इनमें से 120 डिफेंस से संबंधित हैं। नवम्बर 2022 तक कंपनी 200 से अधिक पॉयलट को ट्रेनिंग देने वाली फास्टेस्ट कंपनी बन गई है। गौरतलब है कि आने वाले वर्षों में 1 लाख पॉयलट की आवश्यकता पड़ेगी। कंपनी ने ड्रोन आधारित रोजगार संभावनाओं को प्राप्त करने के लिए टाटा स्ट्राइव और लॉजिस्टिक ड्रोन के सहविकास के लिए टीसॉ के साथ करार किया है। कंपनी ने वल्र्ड बैंक एवं महाराष्ट्र राज्य सरकार द्वारा स्थापित कार्बन फार्ईनेंसिंग एवं डिस्रप्टिव एग्रीकल्चरल टेक्नोलॉजीस के कर्सोंटियम के साथ पार्टनरशिप की है। कार्बन फाईनेंसिंग क्षेत्र में कंपनी को बहुत अधिक कारोबारी संभावनाएं प्राप्त होने की उम्मीद है। कंपनी की टीम में देश की प्रमुख कंपनियों में कार्यानुभव हासिल विशेषज्ञ एवं डिफेंस में सेवाएं देने वाले अनुभवी लोग शामिल हैं। कंपनी ट्रेनिंग बिजनेस को बढ़ाने के लिए देश की प्रमुख यूनिवर्सिटी के साथ वृहद स्तर पर टाई-अप करने की योजना पर कार्य कर रही है।

कंपनी के आईपीओ के संबंध में जानकारी: कंपनी का आईपीओ बीएसई एसएमई प्लेटफॉर्म पर 13 दिसम्बर को खुलकर 15 दिसम्बर,2022 को बदं होगा। कंपनी द्वारा 10 रुपये फेसवेल्यू के 6290000 शेयर बुक बिल्ट इश्यू प्रणाली से 52 से 54 रुपये प्रति शेयर के भाव से जारी कर 33.97 करोड़ रुपये जुटाए जा रहे हैं। कंपनी के आईपीओ का मार्केट लॉट साईज 2000 शेयरों का है यानि कि रिटेल निवेशकों को कंपनी के आईपीओ का एक लॉट खरीदने के लिए 1.08 लाख रुपये निवेश करने होंगे। कंपनी के आईपीओ में 50 फीसदी शेयर क्यूआईबी कैटेगरी, 15 फीसदी एनआईआई कैटेगरी और 35 फीसदी रिटेल कैटेगरी के निवेशकों के लिए आरक्षित किए गए हैं। कंपनी के आईपीओ का प्रबंधन प्रमुख लीड मैनेजर कंपनी कॉर्पोरेट केपिटल वेंचर्स प्राईवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है।

नोट: कंपनी के आईपीओ में निवेश करने से पूर्व निवेशक पंजीकृत निवेश सलाहकारों की सलाह लेंवे।

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