Wednesday, December 17, 2025 |
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जेपी इंफ्राटेक को दिवालिया घोषित करने का आदेश, 28 हजार होम बायर्स होंगे प्रभावित

by Business Remedies
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ग्रेटर नोएडा। सुप्रीम कोर्ट ने जेपी इंफ्राटेक कंपनी को दिवालिया घोषित करने की प्रक्रिया को 90 दिनों में पूरा करने का आदेश दिया है। कंपनी के दिवालिया होने का असर 28 हजार होम बायर्स पर भी पड़ेगा। यमुना एक्सप्रेसवे बनाने के बदले कंपनी को नोएडा से आगरा तक टाउनशिप बसाने के लिए 500-500 हेक्टेयर जमीन दी गई थी। नोएडा में सेक्टर 128 में इसी जमीन पर टाउनशिप लॉन्च की गई थी, जिसमें 35 हजार होम बायर्स ने निवेश किया था। इनमें से 28 हजार बायर्स को अभी भी पजेशन का इंतजार है।
कंपनी के दिवालिया होने के बाद यमुना एक्सप्रेसवे, अस्पताल, स्कूल और कॉलेज के संचालन का जिम्मा भी छीन लिया जाएगा। इसके अधूरे प्रॉजेक्ट को पूरा करने का जिम्मा नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन लिमिटेड या सुरक्षा रियल्टी को दिया जा सकता है।
यूपी में बीएसपी सरकार ने ग्रेटर नोएडा से लेकर आगरा तक 168 किमी यमुना एक्सप्रेसवे बनाने के लिए जेपी इंफ्राटेक कंपनी से सन 2003 में करार किया था। तय हुआ था कि कंपनी ग्रेटर नोएडा से लेकर आगरा तक यमुना एक्सप्रेसवे का निर्माण कराएगी। इसके बदल में उसे नोएडा से लेकर आगरा तक 5 जगह (नोएडा सेक्टर 128, यमुना सिटी में जगनपुर-अफजलपुर के पास, अच्छेजा-बुर्जुग के निकट, अलीगढ़ स्थित टप्पल के जिकपुर के पास और आगरा में चौगन-छलेसर के पास) 500-500 हेक्टेयर जमीन टाउनशिप बसाने के लिए दी थी। इसके अतिरिक्त 1600 हेक्टेयर जमीन यमुना एक्सप्रेसवे के निर्माण में यूज हुई थी।
इस तरह जेपी इंफ्राटेक कंपनी को कुल 4100 हेक्टेयर जमीन दी गई। इसके बदले में मात्र 100 रुपये का लीजरेंट ही लिया गया था। जेपी को यमुना एक्सप्रेसवे पर 36 साल तक टोल वसूलने का अधिकार दिया गया है। उसके बाद इस पर यमुना अथॉरिटी का अधिकार होगा। एनसीएलटी ने सुनवाई करते हुए यमुना एक्सप्रेसवे से होने वाली कमाई को अपने खाते में लेना शुरू कर दिया था। रखरखाव व अन्य खर्च के लिए एनसीएलटी के खाते से पैसा लिया जाता है। सेक्टर 128 की टाउनशिप की तरह यमुना सिटी में भी कंपनी के प्रॉजेक्ट में करीब 300 बायर्स फंसे हैं।



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