Home अर्थव्यवस्था छोटे उद्यमों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए कदम उठा रही है सरकार: भानू प्रताप सिंह वर्मा

छोटे उद्यमों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए कदम उठा रही है सरकार: भानू प्रताप सिंह वर्मा

by Business Remedies
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बिजनेस रेमेडीज/दिल्ली। सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम राज्यमंत्री भानु प्रताप सिंह वर्मा ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के लिये एमएसएमई सर्वाधिक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं और सरकार क्षेत्र को मजबूत तथा और विकसित बनाने के लिये काम कर रही है।

उन्होंने कहा, ”हम यह सुनिश्चित करने के लिये काम करेंगे कि देश की आर्थिक वृद्धि के साथ एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम) क्षेत्र तथा अर्थव्यवस्था के अन्य स्तंभों के बीच संबंध मजबूत हो।

वर्मा ने उद्योग मंडल फिक्की के सालाना एमएसएमई शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए देश को 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिये उद्योग और अन्य संबंधित पक्षों से सरकार के साथ मिलकर काम करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि देश में 6.3 करोड़ सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम हैं और यह क्षेत्र 11 करोड़ लोगों को रोजगार उपलब्ध करा रहा है। मंत्री ने कहा कि सरकार एमएसएमई को मजबूत करने के लिये लगातार कदम उठा रही है और पिछले वित्त वर्ष में शुरू प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) इसी दिशा में उठाया गया कदम है। इस योजना के तहत बीते वित्त वर्ष 2021-22 में विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों में कुल 1.03 लाख नई इकाइयां स्थापित की गयी हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार एमएसएमई की क्षमता का पूरा लाभ उठाने के लिये भी काम कर रही है ताकि भारतीय अर्थव्यवस्था में उनका योगदान दोगुना हो।वर्मा ने कहा, ”इसके लिये, हम बाधाओं को दूर करने और एमएसएमई को आत्मनिर्भर बनाने के लिये कदम उठाएंगे।

उन्होंने कहा कि मंत्रालय मौजूदा एमएसएमई इकाइयों को मजबूत बनाने और नई इकाइयों को समर्थन देने के लिये देशभर में विभिन्न प्रौद्योगिकी केंद्र स्थापित कर रहा है। वर्मा ने कहा कि सरकार जेडईडी (जीरो डिफेक्ट जीरो इफेक्ट) प्रमाणन योजना के तहत एमएसएमई को समर्थन देने के लिये अन्य संगठनों के साथ भी काम कर रही है। इसके तहत प्रौद्योगिकी उन्नयन और गुणवत्ता प्रमाणपत्र दिया जा रहा है। वहीं ‘एस्पायर’ योजना के तहत गुणवत्ता और नवोन्मेष तथा ‘डिजाइन’ को बढ़ावा दिया जा रहा है। एमएसएमई मंत्रालय में सचिव बीबी स्वैन ने कहा कि मौजूदा परिदृश्य में एमएसएमई के सतत विकास के लिये वित्त और प्रौद्योगिकी तक पहुंच बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सरकार छोटे एवं मझोले उद्यमों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने और उसमें सुधार की योजना (आरएएमपी) के तहत एमएसएमई के मुद्दों के समाधान के लिये राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम कर रही है।

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