Home कमोडिटी एनसीडीईएक्स ने कमोडिटी डेरिवेटिव्स बाजार के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए कई राज्यों में अभियान शुरू किया

एनसीडीईएक्स ने कमोडिटी डेरिवेटिव्स बाजार के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए कई राज्यों में अभियान शुरू किया

by Business Remedies
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बिजऩेस रेमेडीज/मुंबई
कमोडिटी डेरिवेटिव्स के बारे में सही जानकारियों के अभाव, गलत जानकारियों की बहुलता और गलत धारणाओं को देखते हुए देश के अग्रणी डेरिवेटिव्स एक्सचेंज नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज (एनसीडीईएक्स) ने सप्ताह भर तक चलने वाले एक राष्ट्रव्यापी जागरूकता अभियान शुरू किया है। इसका मकसद जागरूकता उत्पन्न करना और वित्त एवं व्यापार के प्रगतिशील तौर-तरीकों को बढ़ावा देना है। अभियान छठे एन्युअल वल्र्ड इन्वेस्टर वीक – 2022 (डब्ल्यूआईडब्ल्यू) का हिस्सा है, जो पूंजी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के निर्देशन में 10 अक्टूबर को शुरू हुआ।
अभियान की शुरुआत कृृषि रथ को रवाना कर की गई, जिसे पूंजी बाजार के नियामक भारतीय सिक्योरिटी और एक्सचेंज बोर्ड (सेबी) के पूर्णकालिक सदस्य अश्विनी भाटिया ने हरी झंडी दिखाई। इस मौके पर सेबी के कार्यकारी निदेशक एमपी गर्ग, एफपीओ प्रतिनिधि और सेबी के अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। पांच राज्यों – राज्स्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और तेलंगाना के 9 प्रमुख स्थानों से एक साथ नौ और रथ रवाना किए गए। ये रथ अपनी यात्रा के दौरान 33 एपीएमसी मंडियां और गांवों से होते हुए गुजरेंगे। कृषि रथ एक मोबाइल वैन में तैयार किए गए हैं, जिनमें एक्सचेंज के अधिकारी कमोडिटी डेरिवेटिव्स के जरिये जोखिम प्रबंधन की अहमियत समझाने के लिए क्षेत्रीय अथवा स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों, स्थानीय जन-प्रतिनिधियों, एफपीओ एवं अन्य हितधारकों से बातचीत एवं साझेदारी करेंगे।
इस मौके पर सेबी के ईडी एमपी गर्ग ने कहा कि कृषि रथों के माध्यम से गांवों में रहने वाले भागीदारों तक पहुंचने की यह पहल अनूठी है। उन्होंने तमाम बाजार प्रतिभागियों से अपील की कि वे इस अभियान में हिस्सा लेकर कमोडिटी डेरिवेटिव्स बाजार के बारे में अपनी समझ को और बेहतर बनाएं। डब्ल्यूआईडब्ल्यू के मौके पर एनसीडीईएक्स आईपीएफटी ने विल्सन कॉलेज के स्नातक कर रहे छात्रों के लिए कमोडिटी कनेक्ट प्रोग्राम की सफल शुरुआत की। इस कार्यक्रम के जरिये छात्रों को संपत्ति के रूप में कमोडिटी की अवधारणा समझाई गई, कमोडिटी डेरिवेटिव्स की दुनिया के बारे में बताया गया और युवाओं को कमोडिटी की जानकारी के लिए जरूरी कौशल भी बताए गए।
एक्सचेंज के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण रास्ते ने कहा, कि एनसीडीईएक्स में हमेशा हमारा प्रयास रहा है कि अपने प्राथमिक उत्पादकों यानी किसान भागीदारों तथा समूची कृषि मूल्य श्रृंखला के हितों, जैसे बेहतर बाजार की उपलब्धता, मूल्य तय करने के बेहतर तरीके तथा वित्तीय समावेश का ध्यान रखा जाए। इस दिशा में हम वर्ल्ड इन्वेस्टर वीक 2022 को अपना निवेशक जागरूकता अभियान बढ़ाने और अपने हितधारकों को कमोडिटी डेरिवेटिव्स बाजार में मिलने वाले विभिन्न मौकों के बारे में जानकारी प्रदान करने का अच्छा मौका मानते हैं। साथ ही यह उन्हें कुशलता भरे वित्तीय एवं व्यापार तरीके बताने का भी अवसर है।
एक्सचेंज ने इन्वेस्टर प्रोटेक्शन लीग (आईपीएल) भी शुरू किया है, जिसके तहत उन सदस्यों को सम्मानित किया जाता है, जो ग्राहक सेवा में सर्वश्रेष्ठ तरीके तथा इनोवेशन्स अपनाने में सबसे आगे रहते हैं ताकि कमोडिटी डेरिवेटिव्स बाजार में ग्राहकों का भरोसा बना रहे। कॉलेज छात्रों के लिए उद्योग तथा शिक्षा जगत के गठबंधन से पूरे भारत में चलने वाला कार्यक्रम ‘हैक द रिस्क’ भी पेश किया जाएगा, जो उन्हें जोखिम प्रबंधन की अहमियत के बारे में अपना दृष्टिकोण रखने का मौका देगा। पिछले वर्ष इस कार्यक्रम में युवाओं ने बहुत दिलचस्पी दिखाई थी।
सेबी के पूर्णकालिक निदेशक अश्विनी भाटिया ने विभिन्न अंशधारकों द्वारा आसानी से समझ में आने वाले विविध प्रकार के प्रोडक्ट बाजार में लॉन्च करने के बारे में बात की। उन्होंने एफपीओ का उदाहरण देते हुए डेरिवेटिव्स बाजारों की गहरी होती पकड़ और हेज किए गए प्रोडक्ट के लिए बैंकों द्वारा ऋण मिलने में आसानी का जिक्र करते हुए इन्हें बड़े बदलावों का संकेत बताया। एक्सचेंज द्वारा देश भर में चलाए जा रहे सभी कार्यक्रमों और पहलों का उद्देश्य विभिन्न प्रकार के भागीदारों को कमोडिटी बाजार के बारे में जानकारी प्रदान करना, जागरूकता बढ़ाना तथा विभिन्न प्रकार को जोखिम के बारे में बताना है। वल्र्ड इन्वेस्टर वीक का आयोजन हर वर्ष इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ सिक्योरिटीज कमीशन (आईओएससीओ) के तत्वावधान में किया जाता है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड भारत में डब्ल्यूआईडब्ल्यू का राष्ट्रीय समन्वयक है।

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