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इंडियन ओवरसीज बैंक ने आरएसईटीआई कार्यक्रम से वंचित वर्ग की 50 हजार युवतियों के सपनों को साकार किया

by Business Remedies
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बिजनेस रेमेेडीज/चेन्नई

भारत के सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख बैंक इंडियन ओवरसीज बैंक (आईओबी) ने तंजौर, तमिलनाडु में आयोजित एक समारोह में अपने रूरल सेल्फ एम्प्लॉयमेंट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (आरएसईटीआई) कार्यक्रम के लाभार्थियों को सम्मानित किया। बैंक ने 77,000 से अधिक युवा उम्मीदवारों के सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने पर इस समारोह का आयोजन किया। प्रशिक्षण हासिल करने वाले 77,000 युवाओं में 50,180 महिलाएं थीं और बाकी पुरुष थे।
ग्रामीण विकास मंत्रालय के निर्देशों के तहत बैंक ने तमिलनाडु के 12 प्रमुख जिलों कन्याकुमारी, करूर, कोटागिरी, मयिलादुथुराई, पेरम्बलुर, पुदुकोट्टई, रामानाथपुरम, तंजावुर, त्रिची, तिरुनेलवेली, तिरुवरुर और विरुधनगर में आरएसईटीआई संस्थानों की स्थापना की है। यह पहल कम उम्र के युवाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने और उन्हें वित्तीय रूप से सुरक्षित जीवन जीने के लिए गहन प्रशिक्षण प्रदान करने के लिहाज से की गई है। आरएसईटीआई का मूल उद्देश्य (1) ग्रामीण युवाओं को मुफ्त भोजन और आवास के साथ गहन अल्पकालिक आवासीय स्वरोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदान करना है, ताकि वे अपने माइक्रो-एंटरप्राइजेज को सफलतापूर्वक चलाने के लिए स्व-रोजगार की पहल और कौशल उन्नयन कर सकें, (2) के्रडिट लिंकेज सहित माइक्रो-एंटरप्राइजेज की स्थिरता के लिए प्रशिक्षित युवाओं को दो साल तक हैंडहोल्डिंग सहायता प्रदान करना, (3) उम्मीदवारों की योग्यता के मूल्यांकन के बाद मांग के अनुसार उन्हें प्रशिक्षण प्रदान करना, (4) चयन के दौरान गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) जीवन यापन करने वाले ग्रामीण युवाओं को प्राथमिकता देना और (5) प्रशिक्षणार्थियों को सिलाई, बढ़ईगीरी, डेयरी फार्मिंग जैसे प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपने माइक्रो-एंटरप्राइजेज शुरू कर सकें और खुद के लिए जीवन निर्वाह योग्य रोजगार जुटा सकें।
18-45 वर्ष की आयु के बीच का कोई भी व्यक्ति, जिसने 8 वीं कक्षा की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता हासिल की हो और जिसकी आर्थिक स्थिति एसईसीसी (सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना) के अनुसार गरीबी रेखा से नीचे के परिवार की हो, वह प्रशिक्षण हासिल कर सकता है। रिस्किल्ड कार्यक्रमों के लिए सामान्य निर्देशों के तहत 200 घंटे और 80 घंटे के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए प्रशिक्षण की अवधि तय की गई है। प्रशिक्षकों को कौशल प्रशिक्षण के लिए डोमेन/अतिथि संकाय के रूप में संबंधित व्यवसाय में योग्य और अनुभवी व्यक्तियों/प्रेक्टिशनर के एक पैनल से चुना जाता है। आरएसईटीआई स्टाफ कोर्स पूरा होने के बाद सभी प्रशिक्षुओं का 2 साल तक ध्यान रखता है, ताकि वे स्थायी आजीविका सुनिश्चित कर सकें।
इंडियन ओवरसीज बैंक का मानना है कि अधिक से अधिक लोगों को स्व-रोजगार के लिए प्रशिक्षण देते हुए उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। 70,000 से अधिक उम्मीदवारों को सफलतापूर्वक प्रशिक्षण प्रदान करना भारतीय युवाओं में कौशल विकसित करने और उन्हें आर्थिक रूप से स्वतंत्र और रोजगार योग्य बनाने के लिए सरकार के दृष्टिकोण के अनुरूप है।

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